लोक सुचना पदाधिकारी – बिहार राज्य सुचना आयोग (चोर – चोर, मौसेरे भाई)
बिहार में आरटीआई का सच: ढाई साल बाद सुनवाई, लेकिन पीआईओ पर जुर्माना तक नहीं!सूचना आयोग और अधिकारियों की 'मिलीभगत' ने पारदर्शिता के अधिकार को बनाया मज़ाक 📍 भूमिका: एक आरटीआई…
बिहार में आरटीआई का सच: ढाई साल बाद सुनवाई, लेकिन पीआईओ पर जुर्माना तक नहीं!सूचना आयोग और अधिकारियों की 'मिलीभगत' ने पारदर्शिता के अधिकार को बनाया मज़ाक 📍 भूमिका: एक आरटीआई…
उत्तर प्रदेश के नटवरपुर गाँव में दशकों से दबा भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आया है, और इसका श्रेय जाता है एक युवा लड़की की हिम्मत को। प्रिया ने कैसे सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) का सटीक इस्तेमाल कर के इस आरटीआई भ्रष्टाचार की परतें खोलीं, आइए जानते हैं।
गाँव आशापुर की विधवा महिला सुशीला देवी की ज़िंदगी संघर्षों से भरी थी। उसके पति का देहांत हुए कई साल हो गए थे, और वह अकेली अपने छोटे बच्चों का…
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (RTI Act) भारत के प्रत्येक नागरिक को सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम प्रदान करता है। इस अधिनियम की…
गांव सोनपुर एक ऐसा इलाका था, जहाँ बच्चे पढ़ाई से दूर रहते थे। गरीबी, अशिक्षा और संसाधनों की कमी के कारण गांव के लोग बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता नहीं…
सुमन कुमार एक छोटे से गाँव में शिक्षक थे। ईमानदारी और सादगी से जीवन बिताने वाले सुमन के पास ज़मीन का एक छोटा सा टुकड़ा था, जिसे सरकार ने सड़क…
किशन सिंह, एक गरीब किसान, बिहार के एक छोटे से गाँव में रहता था। खेती ही उसकी रोज़ी-रोटी का साधन थी, लेकिन सूखे और बढ़ते कर्ज़ ने उसकी हालत ख़राब…
समाज में सर्वसामान्य लोगों को अपनी अधिकारों की जानकारी होना चाहिए ताकि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्षम हों। इसी दिशा में, सूचना का अधिकार अधिनियम और…
आपके गाँव में हो रहे पीसीसी सड़क निर्माण में अगर आपको लगता है की कुछ गड़बड़ी हुई है, तो आप सुचना का अधिकार अधिनियम 2005 का इस्तेमाल कर सक्षम अधिकारी…
बच्चों के विकास में उनके शुरुआती 6 वर्षों का बहुत महत्व होता है, इसी दौरान बच्चों के स्वास्थ्य उनके नजरिए और अवसरों की काफी सारी चीजें तय हो जाती है…